चेकगुरुवार, 22 अक्टूबर
जिज्ञासा ध्यान भटकाना नहीं है।
वह भटकाव तभी बनती है जब आप बीच में रुक जाते हैं: लेख खोला पर पढ़ा नहीं, कोर्स शुरू किया पर पूरा नहीं किया।
जिज्ञासा के पीछे आख़िर तक जाना एक हुनर है।
“मेरे पास कोई ख़ास प्रतिभा नहीं है। मैं बस बेहद जिज्ञासु हूँ।”
आज का आपका एक कदम
इस हफ़्ते जिस चीज़ ने आपकी जिज्ञासा जगाई, उसे चुनिए और उसके साथ आख़िर तक जाइए।