चेकसोमवार, 2 नवंबर
छोटे कदम बड़ी योजनाओं से जीतते हैं।
बड़ी योजना उपयोगी लगती है, पर सब कुछ गति में पहली छोटी कार्रवाई ही लाती है।
पहला कदम इतना छोटा रखो कि उसे टालना मुश्किल हो, और उसे अगले को गिराने दो।
“बड़े काम आवेग से नहीं होते, बल्कि छोटी-छोटी बातों की एक कड़ी के जुड़ने से होते हैं।”
आज का आपका एक कदम
इस हफ़्ते की अपनी सबसे बड़ी योजना लो और दोपहर से पहले सिर्फ़ उसका सबसे छोटा पहला कदम उठाओ।