चेकसोमवार, 19 अक्टूबर

आप व्यस्त हैं, या आगे बढ़ रहे हैं?

अंदर से दोनों बिल्कुल एक जैसे महसूस होते हैं।

व्यस्त रहना है जवाब देना, स्क्रॉल करना, प्रतिक्रिया देना, चीज़ें इधर-उधर करना। आगे बढ़ना है जब दिन के अंत में सच में कुछ बदल चुका हो।

“खोया हुआ समय फिर कभी नहीं मिलता।”
Benjamin Franklin, Poor Richard's Almanack (हमारा अनुवाद)
आज का आपका एक कदम

आज रात खुद से बस एक सवाल पूछिए: सुबह के मुकाबले अब क्या अलग है?

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The Sunday Check

हर रविवार शाम एक छोटा-सा ईमेल, आपका हफ़्ता तैयार करने के लिए: एक चीज़ जिसका इंतज़ार हो, रफ़्तार के लिए एक कदम, और एक चीज़ जिस पर ध्यान देना है। पढ़ने में दो मिनट।

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