चेकसोमवार, 19 अक्टूबर
आप व्यस्त हैं, या आगे बढ़ रहे हैं?
अंदर से दोनों बिल्कुल एक जैसे महसूस होते हैं।
व्यस्त रहना है जवाब देना, स्क्रॉल करना, प्रतिक्रिया देना, चीज़ें इधर-उधर करना। आगे बढ़ना है जब दिन के अंत में सच में कुछ बदल चुका हो।
“खोया हुआ समय फिर कभी नहीं मिलता।”
आज का आपका एक कदम
आज रात खुद से बस एक सवाल पूछिए: सुबह के मुकाबले अब क्या अलग है?