चेकरविवार, 25 अक्टूबर
अपने हफ़्ते को कुछ ऐसा दीजिए जिसका इंतज़ार हो।
जब हफ़्ता सिर्फ़ कामों से भरा हो तो भारी लगता है। जब आगे कुछ अच्छा दिख रहा हो, तो हल्का लगता है।
उसे बड़ा होना ज़रूरी नहीं। एक डिनर, किसी नई जगह की सैर, किसी अच्छी किताब का आख़िरी अध्याय।
“हम अपने दिन कैसे बिताते हैं, वही तो है कि हम अपना जीवन कैसे बिताते हैं।”
आज का आपका एक कदम
इस हफ़्ते की एक ऐसी चीज़ का नाम लीजिए जिसका आपको इंतज़ार है, और उसे अपने कैलेंडर में डाल दीजिए।