चेकमंगलवार, 3 नवंबर
वह सवाल पूछो जिससे तुम बच रहे हो।
जिस सवाल से तुम बचते रहते हो, वह जितना तुम्हारे पीछे चलता है उतना बड़ा होता जाता है।
उसे ज़ोर से, बस एक बार पूछो। अटपटा जवाब भी चिंता से छोटा होता है।
“बिना परखा हुआ जीवन जीने लायक नहीं है।”
आज का आपका एक कदम
जिस सवाल से बच रहे हो उसे लिखो, फिर आज किसी से पूछो।